जनजीवन ब्यूरो / सहरसा / पटना / लखनऊ / रांची । अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देने के लिए शुक्रवार शाम यूपी-बिहार से लेकर झारखंड तक व्रती महिलाओं की भीड़ नदी-तालाब और कुंडों के किनारे उमड़ी। श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से पूजा पाठ के बाद भगवान भाष्कर को अर्ध्य दिया। इस दौरान कुछ स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई दी तो ज्यादातर स्थानों पर मास्क भी नदारत रहा। बिहार के घाटों पर भारी भीड़ उमड़ी। यूपी के वाराणसी, लखनऊ, बिहार के पटना, सहरसा मुजफ्फरपुर, झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद में घाटों पर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने घरों और मुहल्लों के पार्क आदि में बने छोटे तालाबों पर ही अर्ध्य दिया।
यूपी में वाराणसी के गंगा घाटों पर व्रती महिलाएं परिवार के साथ पहुंचीं। यहां अस्सी और दशाश्वमेध घाटों पर हर साल चलने की जगह नहीं होती थी। इस बार लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भगवान को अर्ध्य देने की तैयारी पहले से की थी। लोगों का समूह दूर दूर ही बैठा रहा। बरेका स्थित सूर्य सरोवर पर भी इसी तरह लोगों की भीड़ हर बार से कम दिखाई दी। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन दिखा।
झारखंड में जमशेदपुर के घाटों पर छठ व्रतियों के आने का सिलसिला दोपहर से पहले से ही शुरू हो गया था। सिदगोड़ा के सूर्य मंदिर, मानगो के स्वर्णरेखा घाट, दोमुहानी, बारीडीह, बड़ौदा घाटों पर व्रती महिलाएं परिवार के साथ पहुंचीं। चहल पहल बढ़ गई है। धनबाद के निरस के भलजोरिया स्थित खुदिया नदी घाट पर छठ व्रतियों समेत श्रद्धालु पहुंचे। यहां हालांकि सोशल डिस्टेसिग का पालन नहीं दिखाई दिया। लोग बिना मास्क भी दिखाई दिये। यहां के दुमका का बड़ा बांध तालाब को काफी आकर्षक तरीसे से सजाया गया था। गोड्डा में भी घाट को सजाया गया था।
बिहार में छठ महापर्व की छठा सबसे अलग दिखाई दी। पटना के अधिकांश घाट दुल्हन की तरह सजे थे। घाटों के प्रवेश द्वार पर जगह-जगह तोरण द्वार बनाये गये हैं। जिसे फूलों और झालरों से सजाया गया है। व्रतियों को दिक्कत न हो, इसको ध्यान में रखते हुए कई घाटों के रास्ते पर कारपेट भी बिछाये गये।
पटना के दीघा पाटी पुल घाट पर पहले से बैरिकेडिंग हुई थी। कलेक्ट्रेट और महेंद्रू घाट, गांधी घाट आदि पर बड़ी संख्या में व्रती पहुंच।बड़ी संख्या में लोगों ने घर पर ही इस बार छठ का अर्ध्य दिया। पूजा के लिए लोगों ने प्लास्टिक के टब खरीदे थे। कुछ घरों में प्लास्टिक के टब की जगह रबर वाले बड़े टब और ईंट से चारदीवारी बनाकर उस पर प्लास्टिक की पन्नी लगाकर पानी से भर दिया गया है। घाट की तर्ज पर छठ पूजा के लिए घरों में वेदी भी बनाई गई है।
सहरसा जिला अंतर्गत बनगांव में व्रतियों ने तालाबों में छठ पूजा मनाई। तालाबों को भव्यरूप से सजाया गया था। लोगों को आने जाने में परेशानी न हो इसलिए बिजली की विशेष व्यवस्था की गई थी।